देहरादून:, संजीव मेहता।भाजपा सरकार द्वारा कार्यकाल के अंतिम चरण में किया गया मंत्रिमंडल विस्तार अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। चार वर्षों तक अधूरे मंत्रिमंडल के साथ शासन चलाने के बाद अचानक लिए गए इस फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।कांग्रेस प्रदेश महामंत्री ध्रुव कुमार “शैंकी ने कहा कि,
👉 2022 में पूर्ण बहुमत के बावजूद कई मंत्री पद खाली रहे
👉 अब अंतिम महीनों में नए मंत्रियों की नियुक्ति
👉 फैसले के पीछे राजनीतिक संतुलन साधने की चर्चा तेज
राज्य पहले ही लगभग 99 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे में नए मंत्रियों पर बढ़ने वाला खर्च भी चर्चा का विषय बन गया है।
📢 कांग्रेस प्रदेश महामंत्री ध्रुव कुमार “शैंकी” का कहना है:
“यह निर्णय जनहित में नहीं बल्कि भाजपा के अंदरूनी असंतोष को शांत करने का प्रयास है। जब चार साल तक सरकार अधूरे मंत्रिमंडल के साथ चल सकती थी, तो अब अंतिम समय में विस्तार की क्या जरूरत थी? क्या यह सिर्फ राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए लिया गया फैसला है?”
अब इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और जनता की नजर सरकार के जवाब पर टिकी है। 👀
